माँ तारा मंदिर की ऐतिहासिकता एवं महत्व - प० बंगाल के वीरभूम जिले में तारापीठ में माँ तारा का विश्वप्रसिद्ध मंदिर है. माँ तारा का यह मंदिर भारत का एक महत्वपूर्ण शक्तिपीठ है. ऐसी मान्यता है कि जब देवी सती अपने आपको को यज्ञ की अग्नि में जला डाला तब भगवान शिव उनके पार्थिव शरीर को लेकर आकाश मार्ग में विचरण कर रहे थे. उसी दौरान देवी सती के नयन इसी स्थान पर गिरा था, जहाँ आज माँ तारा का मंदिर स्थापित है. मान्यता है कि माँ तारा केदर्शन करने और वहां मनोकामना का धागा बाँधने पर भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण होती है.
