Wednesday, 27 December 2017

मंदार पर्वत : प्रसिद्द विष्णु मंदिर एवं जैन मंदिर

बिहार राज्य के बांका जिला में बौंसी प्रखंड में विश्व प्रसिद्ध मंदार पर्वत है. ऐसी मान्यता है कि युगों युगों पूर्व जब देवता और दानव मिल कर समुन्द्र मंथन कर रहे थे तब इसी मंदार पर्वत का इस्तेमाल मंथन करने के लिए किया गया था. इस पर्वत का आकार आज भी बेलनाकार है.   
इस पर्वत के तलहटी में पापहरणी तालाब है. इस तालाब के बीचों बीच भगवान विष्णु का मंदिर स्थापित किया गया है. इस मंदिर में हर वर्ष 1 जनवरी से 15 बिहार का प्रसिद्ध मेला बौंसी मेला का आयोजन किया जाता है. जिस दौरान देश के कोने कोने से लाखों हिन्दू श्रद्धालु आते हैं और पापहरणी तालाब में स्नान करते हैं.  ऐसी  मान्यता है कि मकर संक्रांति के वक्त भगवान विष्णु स्वयं भी यहाँ आते हैं और पापहरणी तालाब से स्नान करते है. और भगवान सूर्य को तिल अर्पित करते हैं.


विष्णु मंदिर के ठीक बगल से ही मंदार पर्वत की चोटी तक जाने का रास्ता है. मंदार पर्वत की चोटी पर जैन धर्म के दिगंबर पंथ का विशाल मंदिर है. धरातल से मंदिर की चोटी की उंचाई लगभग 500 मीटर है. चोटी तक जाने के लिए रास्ता का निर्माण किया गया है, जिससे लोग पैदल जाते हैं. वृद्ध लोगों के लिए पालकी सेवा भी उपलब्द्ध है जिसका इस्तेमाल कुछ रूपये देने के बाद किया जा सकता है. अभी वहां पर धरातल से चोटी तक जाने के लिए रोप वे का निर्माण किया जा रहा है, जो वर्ष 2018 के दिसंबर माह तक में पूर्ण होने की उम्मीद है.


मंदार पर्वत कैसे जाएँ - बौंसी की दुरी भागलपुर से 50 किलोमीटर एवं बांका से 40 किलोमीटर हैं. मंदार पर्वत जाने के लिए आप भागलपुर या बांका से बस या टैक्सी से बौंसी जा सकते हैं. अगर आप सुबह के 10 बजे भी इन दोनों स्थानों से मंदार पर्वत के लिए निकलेंगे तो अधिकतम 2 घंटे में बौंसी पहुँच सकते हैं. बौंसी बस स्टैंड से 1 किलोमीटर की दुरी पर मंदार पर्वत स्थित है. यहाँ से आप पैदल, या ऑटो रिक्शा, या रिक्शा से भी मंदार पर्वत जा सकते हैं. भगवान विष्णु मंदिर की पूजा अर्चना करने के बाद आप चाहें तो पर्वत की चोटी पर जा सकते हैं. पर्वत की चोटी पर जाने में दो घंटे तक का वक़्त लग सकता है. फिर वहां आप जैन मंदिर में भगवान महावीर जी के दर्शन कर के वापस नीचे 1 घंटे में आ सकते हैं. अर्थात बौंसी पहुँचने के बाद 4 से 5 घंटे में आप पूरा मंदार पर्वत आराम से घुम सकते हैं. उसके बाद आप वापस बांका या भागलपुर के लिए बस या टैक्सी पकड़ सकते हैं. ध्यान रहे कि शाम पांच बजे चोटी पर स्थित जैन मंदिर का पट बंद हो जाता है. इसलिए कम से कम साढ़े तीन बजे तक में चोटी पर जाने के लिए चढ़ाई शुरू कर दें. तभी आप मंदिर के दर्शन कर पायेंगे, वरना बिना दर्शन किये ही वापस लौटना पड़ सकता है. 
यूँ तो मंदार पर्वत साल के हर दिन खुला रहता है, लेकिन यहाँ आने का सबसे अनुकूल समय नवम्बर से फ़रवरी माह तक रहता है. क्यूँ कि गर्मी के मौसम में चोटी तक जाने में काफी परेशानी हो सकती है. पूरा पर्वत चट्टान का बना हुया है. जिसके वजह से गर्मी में ये पर्वत काफी गर्म हो जाता है. हालांकि आप साल के किसी भी दिन भगवान विष्णु के मंदिर का दर्शन आराम से कर सकते हैं. 

मंदार पर्वत में कहाँ रुके - मंदार पर्वत के आसपास या बौंसी में कोई होटल नहीं है. इसलिए आप बांका या भागलपुर के किसी होटल में रहें और वहां से ही एक दिन का समय निकाल कर मंदार पर्वत सुबह 9 बजे निकलें और शाम 6 बजे तक वापस उसी होटल चले जाएँ. 

भोजन की व्यवस्था - भगवान विष्णु के मंदिर के आसपास कई रेस्टुरेंट हैं, जहाँ आप चाय, नाश्ता, बिस्किट, चिप्स , भोजन आदि पा सकते हैं. यहाँ का मुढ़ी-घुघनी नाश्ता काफी लोकप्रिय है.
      

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